जांच अधिकारी ने वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक की योग्यता में भी असमानता दर्ज की। स्नातकोत्तर अभ्यर्थी के लिए चार वर्ष का अनुभव जबकि स्नातक अभ्यर्थी के लिए छह वर्ष का अनुभव और दो वर्ष का औद्योगिक पर्यवेक्षकीय अनुभव रखा गया था।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में 2020 में हुई वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक (संचार कौशल) और मास्टर कौशल प्रशिक्षक (संचार कौशल) के एक-एक पद की भर्ती में कथित तौर पर अनियमितता हुई है। योग्यता मानक बदलने, पात्रता पर आपत्ति के बाद अभ्यर्थी को पात्र बनाने, साक्षात्कार में ज्यादा अंक देने और पहले से अनुबंध पर काम कर रहे अभ्यर्थियों के चयन से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले में अज्ञात शिकायत पर तत्कालीन महानिदेशक डॉ. विवेक अग्रवाल की तरफ से गंभीर मामला लिखकर कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) को जांच के निर्देश दिए गए थे।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) ने जांच के बाद रिपोर्ट महानिदेशक, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण को सौंपी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों चयनित अभ्यर्थी पहले ही विश्वविद्यालय में अनुबंध आधार पर काम कर रहे थे। उनकी सेवाओं का समय-समय पर विस्तार भी किया गया। इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के कई आरोपों को जांच के बाद प्रमाणित माना गया है। रिपोर्ट अब महानिदेशक के स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए विचाराधीन है। इस रिपोर्ट की कॉपी अमर उजाला के पास उपलब्ध है।
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2020 में योग्यता बदलकर नए मानदंड से दिया विज्ञापन
दोनों पदों की मूल योग्यता 12 फरवरी 2018 को कार्यकारी परिषद की तीसरी बैठक में स्वीकृत हुई थी। इसके बाद 19 सितंबर 2020 को कार्यकारी परिषद की 16वीं बैठक में इन पदों के लिए अलग योग्यता तय की गई और 12 नवंबर 2020 को विज्ञापन जारी करने के आरोप की जांच में दोनों फैसलों की तुलना में अंतर पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक पहले स्वीकृत कुछ तकनीकी और संस्थान की मान्यता से जुड़ी शर्तें बाद के मानदंड में नहीं रखी गईं। इससे किसी खास को लाभ मिलने की संभावना बनती है और इसे पक्षपात की आशंका से जोड़ा गया है।
45 आवेदन, परीक्षा के बाद चयन
वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक के 25 और मास्टर कौशल प्रशिक्षक के 20 आवेदन आए। 13 दिसंबर 2021 को आवेदकों की लिखित और कौशल परीक्षा हुई। दस्तावेज जांच के बाद 14 जुलाई 2022 को साक्षात्कार और 22 जुलाई को परिणाम घोषित हुआ। पुरुष अभ्यर्थी का मास्टर कौशल प्रशिक्षक पद पर चयन हुआ। महिला अभ्यर्थी इस पद की मेरिट में दूसरे स्थान पर रहीं और बाद में वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक पद पर नियुक्त हुईं।
