गुरुग्राम, 14 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाने और प्रदेश के कारोबार को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया। गुरुग्राम में आयोजित ‘Haryana-UK CETA: Trade Bridge Unlocking Global Opportunities for Haryana’ कार्यक्रम में उन्होंने ब्रिटिश हाई कमीशन और अन्य विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
सीएम सैनी ने कहा कि पिछले कई दशकों में लाखों प्रवासी भारतीयों, जिनमें हजारों हरियाणवी परिवार भी शामिल हैं, ने ब्रिटेन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब भारत-ब्रिटेन संबंध भी एक सदी पूरी करेंगे।
2031 तक ₹5 लाख करोड़ निवेश और 10 लाख से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा 1 नवंबर को अपने गठन के 60 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर पर राज्य में 5 से 7 अप्रैल 2027 तक Happening Haryana Global Investors Summit आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस समिट के लिए ‘Happening Haryana 2.0’ नाम से अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू किया जा चुका है। मुंबई में 23-24 अगस्त को हुए कार्यक्रम के दौरान 17 कंपनियों के साथ ₹66,000 करोड़ से अधिक के MoU साइन हुए।
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक ₹5 लाख करोड़ का नया निवेश आकर्षित करना और 10 लाख से अधिक रोजगार पैदा करना है।
10 सेक्टर आधारित नीतियों से ₹1.10 लाख करोड़ के MoU
सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में 10 सेक्टर-विशिष्ट नीतियां लागू की हैं। इनके तहत पहले ही दिन 110 MoU हुए, जिनकी कुल संभावित निवेश राशि ₹1.10 लाख करोड़ है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की पहली MSME नीति लागू होने के बाद से अब तक 15 लाख से अधिक MSME हरियाणा में औपचारिक रूप से पंजीकृत हो चुके हैं।
UK CETA से हरियाणा के कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने भारत-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) को हरियाणा की ‘Go Global’ सोच के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार इस समझौते से टेक्सटाइल, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकती है।
गुरुग्राम और फरीदाबाद के इंजीनियरिंग तथा ऑटो-कंपोनेंट उद्योगों को ब्रिटेन भेजे जाने वाले सामान पर शुल्क संबंधी बाधाएं कम होने से फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद के टेक्सटाइल और फुटवियर उद्योगों को भी ब्रिटेन के बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
NCR में केंद्रित जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार को भी ब्रिटेन में आसान बाजार पहुंच का लाभ मिलने की संभावना है।
2027 के निवेश समिट पर सरकार का फोकस
सीएम सैनी के बयान से साफ है कि हरियाणा सरकार CETA को केवल भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौते के तौर पर नहीं, बल्कि राज्य में ब्रिटेन से निवेश और कारोबार लाने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल करना चाहती है।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विदेशी प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों को International Gita Jayanti Mahotsav 2026 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
