हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 4 से 6 अक्टूबर तक सिंगापुर के तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे. इस दौरे का उद्देश्य हरियाणा और सिंगापुर के बीच निवेश, औद्योगिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी तथा कौशल विकास के नए अवसरों को तलाशना और उन्हें ठोस स्वरूप देना है.
वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेगी सरकारः मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, अत्याधुनिक विनिर्माण, एग्रो एवं खाद्य प्रसंस्करण, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), विमानन तथा शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक अनुकूल, प्रतिस्पर्धी और नवाचार-आधारित औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है.
सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योग समूहों, निवेशकों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और क्षेत्र-विशेष के विशेषज्ञों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे. इन बैठकों में हरियाणा की औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण, मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोरों की संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा.
निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे सीएमः सीएम नायब सिंह सैनी निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे. इन बैठकों में सिंगापुर की कंपनियों को हरियाणा में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने, अनुसंधान एवं विकास केंद्र बनाने, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाओं में निवेश करने, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का विस्तार करने और उच्च तकनीक आधारित उद्योगों में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जाएगा.
सेमीकंडक्टर और विनिर्माण सेक्टर पर फोकसः राज्य सरकार विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रही है. इसके साथ ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्षेत्र में हरियाणा की क्षमता, आईटी एवं तकनीकी प्रतिभा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता और विश्वस्तरीय शहरी ढांचे को निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा.
