: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’ लॉन्च किया है. इस पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े इच्छुक व्यक्ति स्कूलों में स्वैच्छिक रूप से पढ़ाने के लिए पंजीकरण कर सकेंगे. ये पहल शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायक होगी.
कौन कर सकता है पंजीकरण:
- सेवानिवृत्त शिक्षक (Retired Teachers)
- पूर्व सैनिक (Ex-servicemen)
- शिक्षण में रुचि रखने वाले अन्य योग्य व्यक्ति
चयन प्रक्रिया के बारे में जानें: योग्य स्वयंसेवियों के चयन के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा. इस कमेटी में डीएसपी (DSP) स्तर का पुलिस अधिकारी भी शामिल होगा. कमेटी की अनुशंसा (सिफारिश) के आधार पर स्वयंसेवकों को स्कूलों में पढ़ाने के कार्य से जोड़ा जाएगा.
उम्र की कोई सीमा नहीं: इस पोर्टल पर स्वयंसेवक (Volunteer) के रूप में पंजीकरण करने के लिए कोई सख्त अधिकतम उम्र सीमा नहीं रखी गई है, क्योंकि सरकार का मुख्य उद्देश्य अनुभवी लोगों को इस अभियान से जोड़ना है. चूंकि इस योजना के तहत सेवानिवृत्त शिक्षकों (Retired Teachers) और पूर्व सैनिकों (Ex-servicemen) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, इसलिए इसमें उम्र की ऊपरी सीमा (Maximum Age) का कोई बंधन नहीं है.
योग्यता का पैमाना: उम्र से ज्यादा महत्व आवेदक की शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाने की रुचि को दिया गया है. पंजीकरण के लिए बड़ी कक्षाओं के छात्र या शिक्षण में रुचि रखने वाले कोई भी योग्य नागरिक आवेदन कर सकते हैं.
