हरियाणा में मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने के लिए निर्वाचन विभाग विशेष अभियान चलाएगा. इसके तहत नए मतदाताओं के साथ उन पात्र नागरिकों के नाम भी सूची में शामिल किए जाएंगे, जिनका नाम किसी कारणवश दर्ज नहीं हो पाया है. प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान चलाकर पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा.
हर पात्र नागरिक का नाम जोड़ने पर जोर: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय और भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना है. निर्वाचन विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान लोगों को नाम दर्ज करवाने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा. विभाग ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मतदाता सूची में नाम की जांच करें और नाम नहीं होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें.
प्रदेशभर में अधिकारियों की टीम संभालेगी जिम्मेदारी: विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों का बड़ा नेटवर्क कार्य करेगा. इसमें 22 जिला निर्वाचन अधिकारी, 90 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 1,778 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), 2,244 बीएलओ सुपरवाइजर और 20,864 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) शामिल हैं. ये अधिकारी और कर्मचारी मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाने, आवेदन प्रक्रिया में सहायता देने और अभियान के संचालन में समन्वय स्थापित करेंगे.
1950 हेल्पलाइन से मिलेगी सहायता: मतदाता सूची से जुड़ी किसी शिकायत या फॉर्म भरने में परेशानी होने पर नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा कार्यालय समय के दौरान संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में स्थापित हेल्पडेस्क से भी मदद ली जा सकती है. विभाग का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना और पात्र नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना है.
