चंडीगढ़: करनाल के काछवा गांव से 22 अक्टूबर 2020 को शुरू हुआ ग्रामीण पुस्तकालय अभियान अब हरियाणा के गांवों और चौपालों तक डिजिटल लाइब्रेरी पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आईटीबीपी के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ग्रामीण पुस्तकालयों में पढ़कर सैकड़ों युवाओं का सरकारी सेवाओं में चयन इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है।
एमसीएम कॉलेज, चंडीगढ़ में हिन्दी माह के अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में 100 से अधिक ग्रामीण पुस्तकालय प्रभारियों से बातचीत करते हुए कपूर ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं हैं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व, सोच और ज्ञान का विस्तार करने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनने से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिला है। ग्रामीण पुस्तकालयों से निकलकर सरकारी सेवाओं में चयनित हुए युवाओं को उन्होंने इसका उदाहरण बताया।
हर गांव और चौपाल तक डिजिटल लाइब्रेरी पहुंचाने की तैयारी
शत्रुजीत कपूर ने कहा कि संस्थाओं के सहयोग से डिजिटल लाइब्रेरी अभियान को हरियाणा के गांवों और चौपालों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने के लिए नए अवसर तलाशे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों को केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित रखने के बजाय युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और अन्य जरूरी संसाधनों से भी जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
‘रोशनी की नई राह’ पुस्तक पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान शत्रुजीत कपूर की पुस्तक ‘रोशनी की नई राह’ पर भी चर्चा हुई। यह पुस्तक बिजली कंपनियों के कायाकल्प के अनुभवों पर आधारित है। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू और पंजाब विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागों से जुड़े शिक्षकों के अलावा लेखक, विद्यार्थी और अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।
