एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम की ओर से उज्बेकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ गोल दागने वाली रोहतक के गांव भैंसरू खुर्द की बेटी दीपिका सहरावत की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है. दीपिका के इस प्रदर्शन पर परिजनों ने खुशी जताते हुए इसे उसकी कड़ी मेहनत, लगन और लगातार किए गए अभ्यास का परिणाम बताया. परिवार का कहना है कि दीपिका ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और रोहतक जिले का नाम रोशन किया है.
दीपिका पर गर्व : उज्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में दीपिका ने अपनी आक्रामक हॉकी और गोल करने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया. एक ही मैच में आठ गोल करने की उपलब्धि ने उनके परिवार की खुशी को दोगुना कर दिया. दीपिका के पिता जगदीश सहरावत और भाई प्रवेश सहरावत ने कहा कि दीपिका की इस उपलब्धि पर उन्हें बेहद गर्व है. उन्होंने बताया कि दीपिका ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत की है. अभ्यास के दौरान उसने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. परिवार ने हमेशा उसका हौसला बढ़ाया और आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरी दुनिया के सामने है.
टीम को गोल्ड दिलाना मकसद : परिजनों ने कहा कि उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल करने का प्रदर्शन दीपिका के लिए आगे के मुकाबलों में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित होगा. इससे उसका हौसला और बुलंद हुआ है और वह आने वाले मैचों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी ताकत से मैदान पर उतरेगी. परिवार से दीपिका से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं है. भारतीय टीम को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि इसके लिए टीम आगे के मुकाबलों में और अधिक मेहनत करेगी. दीपिका ने अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के साथियों, कोच और परिवार के सहयोग को भी दिया.
शानदार प्रदर्शन करेगी दीपिका : दीपिका के परिवार को उम्मीद है कि भारतीय महिला हॉकी टीम अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करेगी. परिवार ने कहा कि दीपिका के आठ गोलों ने उन्हें आगे और बेहतर करने की प्रेरणा दी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह आने वाले मुकाबलों में भी देश के लिए शानदार प्रदर्शन करेगी.
