चंडीगढ़ में मुफ्त iPhone बांटने के ऐलान पर प्रशासन ने ब्रेक लगा दिया है, लेकिन कुछ ही दूरी पर पंचकूला में कर्मचारियों के लिए ‘कारों का लंगर’ एक बार फिर चर्चा में है. फार्मा कारोबारी एमके भाटिया पिछले कुछ वर्षों से दिवाली के मौके पर अपनी कंपनी के चुनिंदा कर्मचारियों को कारें गिफ्ट करते आ रहे हैं. इस बार भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी है. उनकी ये पहल आम लोगों के लिए मुफ्त वितरण से अलग है, जिसमें कंपनी के कर्मचारियों को उनके काम और प्रदर्शन के लिए कारें बतौर इनाम दी जाती हैं.
आईफोन लंगर नहीं होगा : 22 सितंबर को होने वाला चर्चित ‘iPhone लंगर’ अब नहीं होगा. अमृतसर के कारोबारी राकेश त्रेहान उर्फ ‘राजा डी किंग’ ने सोशल मीडिया पर चंडीगढ़ और मोहाली की महिलाओं को मुफ्त iPhone देने का ऐलान किया था. प्रशासन ने इस आयोजन को मंजूरी नहीं दी है. डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने पुलिस को कार्यक्रम को होने से रोकने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन की मुख्य चिंता आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और उससे पैदा होने वाली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है.
लकी ड्रा के जरिए विजेताओं के चयन का दावा : त्रेहान की ओर से पहले बताया गया था कि सेक्टर-10 में आयोजन किया जाएगा और iPhone 17 या उससे ऊपर के मॉडल दिए जाएंगे. शुरुआती योजना में महिलाओं को शामिल करने और लकी ड्रॉ के जरिए विजेताओं का चयन करने की बात कही गई थी. इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हुई.हालांकि, प्रशासन की ओर से रोक लगाए जाने के बाद त्रेहान का कहना है कि उनका मकसद मौके पर भीड़ जुटाना नहीं है. उनके मुताबिक मीडिया के सामने ड्रॉ निकाला जाएगा और जिस व्यक्ति का नाम आएगा, उसे iPhone उसके घर जाकर दिया जाएगा.
कार्यक्रम के लिए नहीं मांगी गई अनुमति : चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए आयोजक की ओर से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी. एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि बिना अनुमति ऐसा आयोजन करना BNSS की धारा 163 के तहत जारी आदेश का उल्लंघन माना जा सकता है. प्रशासन का कहना है कि पहले भी मुफ्त पेट्रोल बांटने जैसे आयोजनों में भीड़ जुटने की स्थिति सामने आ चुकी है, इसलिए इस बार पहले ही सावधानी बरती गई. वहीं मोहाली पुलिस ने भी साफ किया है कि बिना डिप्टी कमिश्नर की अनुमति के वहां ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा. एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा है कि बिना अनुमति आयोजन किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एमके भाटिया ने बांटी थी कारें : एमके भाटिया की इस पहल की शुरुआत कुछ साल पहले हुई थी. 2023 में कंपनी ने 12 कर्मचारियों को कारें दी थीं. इसके बाद 2024 में 15 कर्मचारियों को कारें गिफ्ट की गईं, जिनमें 13 Tata Punch और दो Maruti Grand Vitara शामिल थीं. उस समय भाटिया ने कर्मचारियों को ‘स्टार’ और ‘सेलिब्रिटी’ बताते हुए कहा था कि कंपनी की तरक्की में उनकी मेहनत और भरोसे की बड़ी भूमिका है.
कर्मचारियों को दी जाती हैं कारें : पंचकूला की यह कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि यहां कारें किसी लकी ड्रॉ या आम जनता के बीच बांटने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के उन कर्मचारियों को दी जाती हैं जिन्हें प्रबंधन उनके प्रदर्शन और योगदान के लिए चुनता है. पिछले साल भी कंपनी की ओर से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को कारें दिए जाने की खबर सामने आई थी
