हरियाणा सिविल सर्विस यानी HCS परीक्षा 2026 में पहला रैंक हासिल करने वाले गोहाना के अभिषेक सरोहा ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. अभिषेक की इस शानदार सफलता के बाद गोहाना के सेक्टर-7 स्थित उनके निवास पर जश्न का माहौल देखने को मिला. परिजनों, रिश्तेदारों और शहरवासियों ने अभिषेक का मिठाई खिलाकर, ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने के साथ जोरदार स्वागत किया.
अभिषेक सरोहा का जोरदार स्वागत: अभिषेक ने यह मुकाम कई बार असफल होने के बावजूद लगातार मेहनत और सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल किया है. अभिषेक का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान वह करीब 10 से 11 अलग-अलग परीक्षाओं में असफल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अभिषेक सरोहा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. ढोल की थाप पर लोग खुशी से झूम रहे हैं और मिठाई खिलाकर अभिषेक की सफलता का जश्न मना रहे हैं.
माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय: अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान, माता-पिता, परिवार और दोस्तों को दिया. उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2020 से यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने यूपीएससी के पांच मेन्स और दो इंटरव्यू दिए. यूपी पीसीएस में वह महज चार अंकों से अंतिम चयन से चूक गए, जबकि इससे पहले HCS परीक्षा में भी उनका चयन डेढ़ अंक से रह गया था.
कई सालों की मेहनत और अलग-अलग परीक्षाओं से मिले अनुभव का नतीजा अब सामने आया है. मुझे उम्मीद थी कि इस बार चयन सूची में नाम आ जाएगा, लेकिन प्रदेश में पहला स्थान मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी. मैंने शुरुआत में यूपीएससी की तैयारी के लिए विजन आईएएस से एक साल कोचिंग ली. इसके बाद पिछले प्रयासों से सीखते हुए सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल परिणाम के बारे में सोचने की बजाय रोजाना की पढ़ाई और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है. –अभिषेक सरोहा, HCS टॉपर
युवाओं को दिया संदेश: अभिषेक ने असफल होने वाले युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वह खुद 10 से 11 बार अलग-अलग परीक्षाओं में असफल हो चुके हैं. इसलिए असफलता का दर्द समझते हैं. युवाओं को अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना चाहिए और लगातार मेहनत जारी रखनी चाहिए. अभिषेक ने बताया कि उनका यूपीएससी का एक प्रयास अभी बाकी है और वह इसके लिए भी कोशिश करेंगे. HCS में मिली सफलता के बाद उनकी प्राथमिकता ट्रेनिंग के दौरान काम सीखने और भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने की होगी. लंबे समय में अवसर मिलने पर वह शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहेंगे.
