बेहतर समाज के लिए शिक्षा मुख्य अंग है और शिक्षा हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती, यह तो बस एक उम्र का आंकड़ा है। इस बात को साबित करके दिखाया है सिरसा के 85 वर्षीय पूर्व फौजी लालचंद गोदारा ने।
एमए की डिग्री हासिल करने वाले लाल चंद के अनुसार जीवन में कोई भी मंजिल पाने के लिए शिक्षा रोशनी का काम करती है। लालचंद गोदारा ने बताया कि जब तक यह बात समझ आई तो उनकी उम्र 76 साल की हो चुकी थी।
बेशक उन्होंने सैनिक रहते हुए देश की सुरक्षा के लिए सीने पर गोली खाने की हिम्मत रखी, लेकिन अनपढ़ता का ताना गोली खाने से भी ज्यादा दर्द देने जैसा था। मजबूत जज्बे के भरोसे लालचंद ने 81 साल की उम्र में ग्रेजुएशन की डिग्री ली।
