सरकारी जमीन पर कथित अनधिकृत कब्जों और अवैध निर्माण के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने रविवार को रामदरबार फेज-1 और फेज-2 की कच्ची कॉलोनी में कार्रवाई की. जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चलाए गए अभियान में नगर निगम और एस्टेट ऑफिस की प्रवर्तन टीमों ने जेसीबी और अन्य मशीनरी की मदद से चिन्हित निर्माणों को हटाया.
बिजली और पानी के कनेक्शन काटे गए : अभियान सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ. कार्रवाई से पहले संबंधित स्थानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे गए. इसके बाद प्रवर्तन कर्मचारियों और श्रमिकों की मदद से सरकारी जमीन पर बने चिन्हित निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई. मौके पर नगर निगम और एस्टेट ऑफिस की टीमें मशीनरी के साथ मौजूद रहीं. कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति ना बने, इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस का पर्याप्त बल तैनात किया गया था. इसमें महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया. उप-मंडल मजिस्ट्रेट और कार्यकारी मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे.
अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : प्रशासन ने संभावित आपात स्थिति को देखते हुए दमकल वाहन, मेडिकल टीम और दो एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की थीं. सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी अभियान के दौरान प्रवर्तन टीमों और प्रशासन का सहयोग किया. पूरी कार्रवाई का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई गई. जिला मजिस्ट्रेट यूटी चंडीगढ़ निशांत कुमार यादव ने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनके मुताबिक सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जों और अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. रामदरबार में हुई यह कार्रवाई शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच हुई है. इससे एक दिन पहले नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग सेक्टरों और मलोया में अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 110 चालान किए थे.
