हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में जीवन-अवधि पूरी कर चुके वाहनों की पहचान और प्रदूषण नियंत्रण के लिए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी कि ANPR कैमरों का नेटवर्क तैयार करेगी. परिवहन विभाग की योजना के पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे. परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्वीकृति मिल चुकी है.
चार जिलों में इतने कैमरे लगेंगे: परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि, “पहले चरण में गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 और फरीदाबाद में 116 कैमरे लगाए जाएंगे. इस तरह चारों जिलों में कुल 775 कैमरे स्थापित होंगे. इन कैमरों की स्थापना पर करीब 41 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. कैमरे मुख्य रूप से एनसीआर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर लगाए जाने हैं, जहां वाहनों की पहचान और निगरानी की जा सकेगी.”
कुल 2780 कैमरों की जरूरत: विज ने कहा कि, “पूरे हरियाणा में करीब 2,780 ANPR कैमरों की आवश्यकता है. प्रथम चरण में एनसीआर के चार प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत में 775 कैमरे स्थापित किए जाएंगे. इन कैमरों के माध्यम से वाहनों के नंबर प्लेट की पहचान कर उनके रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी का मिलान किया जा सकेगा.”
CAQM के निर्देशों के अनुरूप होगी कार्रवाई: परिवहन विभाग के अनुसार ANPR कैमरे लगाने की प्रक्रिया वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. एएनपीआर कैमरों की स्थापना का कार्य 30 सितंबर, 2026 तक पूरा किया जाना है. इसके बाद 1 अक्टूबर, 2026 से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जानी है.
