प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और विश्वकर्मा पूजा के मौके पर हरियाणा सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का पंजीकरण पोर्टल खोल दिया है. लंबे समय से पोर्टल खुलने का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अब योजना में नए सिरे से आवेदन करने का मौका मिलेगा.
पात्रता का दायरा बढ़ाया:सरकार ने योजना का लाभ अधिक महिलाओं तक पहुंचाने के लिए परिवार की वार्षिक आय की सीमा बढ़ा दी है. पहले जिन परिवारों की सालाना आय अधिकतम एक लाख रुपये थी, उनकी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा था. अब यह सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये सालाना कर दी गई है. इससे बड़ी संख्या में अतिरिक्त महिलाएं योजना के दायरे में आ सकेंगी.
हर महीने मिलेंगे 2100 रुपये: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है. सरकार ने योजना के लिए पहले बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, जबकि दूसरे बजट में इसका बजट बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये किया गया है.
10 लाख महिलाओं को मिल चुका लाभ: इस बारे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि, “योजना के तहत प्रदेश की करीब 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है. योजना के विस्तार से और अधिक पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल सकेगी.”
चुनावी संकल्प से जुड़ी योजना: मुख्यमंत्री ने बताया कि, “विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने 217 संकल्प लिए थे, जिनमें गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को प्रतिमाह 2100 रुपये की आर्थिक मदद देने का संकल्प भी शामिल था. सरकार बनने के बाद पहले ही बजट में इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.”
सीएम ने पात्र महिलाओं से किया आह्वान: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि, “अब सरकार ने निर्णय लिया है कि 1.80 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की माताओं-बहनों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा. पात्र महिलाएं पोर्टल खुलने के बाद अपना पंजीकरण करवाकर प्रतिमाह 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त करें.”
कौन महिलाएं कर सकती हैं आवेदन?: योजना के दूसरे चरण में उन पात्र महिलाओं को आवेदन का मौका मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय अब निर्धारित 1.80 लाख रुपये की सीमा के भीतर है. पात्र महिलाओं को सरकार के पंजीकरण पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवेदन करने से पहले महिलाओं को योजना की अन्य निर्धारित शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पोर्टल पर जांच लेनी चाहिए. सरकार के मुताबिक योजना का मकसद प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. पात्रता सीमा बढ़ाने और दूसरे चरण का पोर्टल खोलने से योजना का लाभ पहले की तुलना में अधिक परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है.
