ब्लैक बोर्ड पर चाक से लिखते मास्टर जी और सामने बैठे बच्चों की कतार… सरकारी स्कूल की यह पारंपरिक तस्वीर अब बदलने वाली है। आने वाले दिनों में मास्टर जी चाक के साथ एआई का प्रयोग भी करेंगे। हरियाणा के सरकारी प्राइमरी शिक्षकों को अब सिर्फ विषय पढ़ाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें एआइ आधारित शिक्षण तकनीक में दक्ष सुपर डिजिटल शिक्षक बनाने की तैयारी है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत शिक्षकों को एआई-एकीकृत शिक्षण शास्त्र की आनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह होगी कि एआइ का इस्तेमाल केवल सामग्री तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर बच्चे के सीखने के स्तर के अनुसार पढ़ाई को ढालने पर जोर होगा।
AI मास्टरक्लास
अपने मन मुताबिक सीख सकेंगे विद्यार्थी
कक्षा में सभी बच्चे एक जैसी गति से नहीं सीखते। कोई कहानी से जल्दी समझता है तो कोई चित्र देखकर। किसी बच्चे को अतिरिक्त अभ्यास की जरूरत होती है तो कोई कठिन सवाल भी आसानी से हल कर लेता है। ऐसे में शिक्षक एआइ टूल्स की मदद से बच्चों के स्तर के मुताबिक अलग-अलग वर्कशीट, लेसन प्लान, कहानियां, फ्लैश कार्ड और अभ्यास सामग्री तैयार कर सकेंगे।
अभी ऐसी सामग्री तैयार करने में शिक्षक का काफी समय लगता है। एआइ इस काम को मिनटों में पूरा कर सकेगा। इससे शिक्षक का समय सामग्री बनाने के बजाय बच्चे की समझ, उसकी कमजोरी और सीखने की प्रगति पर लगाने में अधिक इस्तेमाल हो सकेगा।
