HCG गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में गुरुग्राम पुलिस ने बिहार के बांका जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने फर्जी APK फाइल के जरिए की गई 1 लाख 64 हजार 900 रुपये की साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे. पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं
गैस कनेक्शन के नाम पर ठगी: दरअसल, 12 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि 9 अक्टूबर को उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया. इसमें HCG बिल बकाया होने और तय समय तक भुगतान नहीं करने पर गैस कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी.
डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की ठगी: मैसेज में दिए गए अन्य मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने के बाद शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए ‘HCG BILL UPDATE.apk’ नाम की फाइल भेजी गई. लिंक खोलने पर रेजरपे जैसे दिखने वाले भुगतान पोर्टल पर 12 रुपये जमा करने के लिए कहा गया. शिकायतकर्ता ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने का प्रयास किया, जिसके बाद उसके बैंक खाते से संबंधित संदिग्ध लेनदेन हुआ और 1,64,900 रुपये की ठगी हो गई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
1000 रुपये में खरीदे सिम, 1500 रुपये में आगे बेचे: थाना साइबर अपराध पूर्व की टीम ने निरीक्षक अमित शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए 16 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले से दो आरोपियों निर्मल कुमार उर्फ विजय कुमार और गोपी कुमार यादव को गिरफ्तार किया. दोनों बांका जिले के निवासी हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि साइबर ठगी की वारदात में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड आरोपियों ने उपलब्ध कराए थे.
