सरकार की तरफ से चलाई जा रही फसल अवशेष प्रबंधन योजना किसानों को अब रास आने लगी है। जिले में अब तक 60 हजार एकड़ में धान फसल की कटाई हो चुकी है, लेकिन एक भी किसान ने धान अवशेष नहीं जलाएं हैं। धान कटते ही किसान बेलर से अवशेषों की गांठें बनवा रहे हैं, जो फैक्टरी में भेजी जा रही है। इससे किसान को भी फायदा हो रहा है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ रही है।
बता दें पिछले साल जिले में कुल 11 लोकेशन सामने आई थी। 13 अक्टूबर को पहली लोकेशन धान अवशेष की मिली थी, लेकिन इस बार राहत की बात ये है की 60 हजार एकड़ में धान कटाई होने के बाद भी किसी किसान ने अवशेष नहीं जलाए हैं।
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